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स्टूडेंट्स का सर्वांगीण विकास वैष्णव विश्वविद्यालय का उद्देश्य
विक्रम साराभाई मेमोरियल सेंटेनरी ओरेशन एसवीवी में
इंदौर. श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्व विद्यालय ने 5 वें स्थापना दिवस पर द्वितीय विक्रम साराभाई मेमोरियल सेंटेनरी ओरेशन का आयोजन किया. समारोह के मुख्य अतिथि वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी, देहरादून के पूर्व निदेशक और प्रख्यात भूविज्ञानी पद्मश्री डॉ. वी. सी. ठाकुर थे. इस अवसर पर कुलाधिपति एसवीवीवी पुरुषोत्तमदास पासारी, एसवीवीवी, कुलपति डॉ. उपिंदर धर, एसवीआईटीएस के डॉ. निदेशक नमित गुप्ता, विद्वान अतिथिगण, शिक्षकगण और विद्यार्थी भी उपस्थित थे.
डॉ. उपिंदर धर ने कहा कि यह हम सभी के लिए एक विशेष दिन है क्योंकि मध्य प्रदेश सरकार ने चार साल पहले इसी दिन विश्वविद्यालय शुरू करने की गैजेट अधिसूचना जारी की. श्री पासारी ने श्री वैष्णव ट्रस्ट की यात्रा के बारे में जानकारी दी और कहा कि 135 साल पुराने वैष्णव ट्रस्ट का उद्देश्य मानव सेवा करना है.
उन्होंने चार साल की छोटी अवधि के भीतर श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्व विद्यालय को मध्यप्रदेश के अग्रणी और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयओ में से एक बनाने के लिए सभी को बधाई दी. उन्होंने आगे कहा कि विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य स्टूडेंट्स का सर्वांगीण विकास है.
पद्मश्री डॉ. वी. सी. ठाकुर ने द्वितीय विक्रम साराभाई मेमोरियल सेंटेनरी ओरेशन पर क्लोजिंग ऑफ टीथिस ओसियन एंड कॉन्टिनेंट- कॉन्टिनेंट कोल्लीसन गिविंग बर्थ ऑफ हिमालया विषय पर व्याख्यान दिया. अपने व्याख्यान में उन्होंने गोंद्वानालैंड एंड कॉन्टिनेंटल ड्रिफ्ट, डायनामिक्स ऑफ़ प्लेट टेक्टोनिक्स, क्लोजिंग ऑफ़ निओ टेथ्य्स, ओसियन एंड वोल्कानिक आर्क्स एंड कोल्लिसिओन टेक्टोनिक्स एंड बर्थ ऑफ़ हिमालय विषय पर भी चर्चा की.
डॉ. शमायता पात्रा, सहायक प्रोफेसर, एस.वी.वी.वी को इस अवसर पर युवा वैज्ञानिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। डॉ. उत्तम शर्मा, प्रोफेसर और प्रमुख, भौतिकी विभाग, एसवीआईएस ने आभार प्रदर्शन किया.


